संवाददाता
: कानपुर से फ्लाइट के लिए अजब सी व्यवस्था की गई है। अब अगर आपको
दिल्ली जाना है तो पहले इलाहाबाद फिर दिल्ली जाना होगा। वैसे अहिरवां से
दिल्ली जाने में फ्लाइट से एक घंटा लगता है लेकिन वाया इलाहाबाद जाने में 2.40 घंटा लगेगा।
हकीकत यह है कि अहिरवां से उड़ान की तिथि घोषित होने का
इंतजार भले ही अधिकारी कर रहे हैं लेकिन दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद उड़ान का रूट
तय होने के बाद से शहर के लोग मायूस हैं और इस रूट को लेकर लोगों का
रुझान नहीं है, इसी
वजह से पहले भी उड़ान फेल हो चुकी है। ट्रैवल एजेंट भी
यात्रियों को बताना रहे हैं कि वाया इलाहाबाद जाने से कोई फायदा नही है।
कानपुर
से स्वर्ण शताब्दी, राजधानी, शताब्दी जैसी
वीआईपी ट्रेनें 5 घंटे
में दिल्ली पहुंचा देती है। ट्रेन का किराया भी 500 रुपये से 1500 तक है और ट्रेन
में खाना-पीना अलग मिलता है। इसके विपरीत अहिरवां से वाया इलाहाबाद
होते हुए दिल्ली जाने में 2.40
घंटा
लेगा जिसका किराया 4000
रुपये के करीब होगा
और खाना-पीना भी कुछ नहीं मिलेगा। शहरवासी चाहते हैं कि दिल्ली-कानपुर-मुंबई, दिल्ली
कानपुर-कोलकाता, दिल्ली
कानपुर चेन्नई, दिल्ली कानपुर
हैदराबाद आदि रूट निर्धारित किए जाएं क्योंकि इन रूट पर जाने वाले यात्रियों की
संख्या इतनी अधिक है कि ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची हमेशा बंद रहती है। इस
संबंध में आल इंडिया केमिकल मैन्युफैक्च¨रग एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री शाहिद अब्बास का कहना है कि अमेरिका, लंदन, दुबई व अन्य
देश कारोबार
के सिलसिले में अक्सर जाते हैं लेकिन प्रस्तावित फ्लाइट का जो समय वाया
इलाहाबाद दिया गया है,
उससे
अच्छी तो ट्रेन है।
ट्रैवल
एजेंट हाजी शारिक अलवी का कहना है कि वाया इलाहाबाद दिल्ली जाने में
यात्रियों को कोई रुचि नहीं है। जिन्हें अमेरिका, ब्रिटेन,
यूरोप
व अन्य
मुल्कों की फ्लाइट दिल्ली से लेना है, उनके लिये कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि ये
सारी फ्लाइट रात में हैं और कानपुर की फ्लाइट का दिल्ली पहुंचने का समय
पूर्वाह्न 10.40 बजे
रखा गया है।

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