सत्यम तिवारी सम्पादक
कानपुर.भाजपा नेता कैराना में हिन्दू परिवारों के पलायन को लेकर पूरे देश में हो हल्ला मचाए हुए हैं। लेकिन इन्हीं के एक विधायक व इनके भाई की दबंगई के चलते एक नहीं कई परिवार मोहल्ले से पलायन कर गए हैं। एक परिवार ने जबरन मोहल्ले से भगाने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं जब इस परिवार ने मकान छोड़ने से इंकार किया तो विधायक अपने गुर्गों के साथ आ धमका और महिला, बच्चे व बुजुर्गों ने कमरे में बंद कर जमकर पिटाई की। विधायक ने पूरे परिवार को मोहल्ला छोड़ देने के साथ जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार घर छोड़कर किराए के मकान पर रहने को विवश है | पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई, सीएम और पीएम को खत और ट्वीट किया, लेकिन इसकी आवाज नहीं सुनी गई|
चकेरी थाना क्षेत्र के जेके कॉलोनी में रहने वाले एयरफोर्स के ठेकेदार नीरज सिंह ने यूको बैंक से नीलामी में एक प्लाट खरीदा। उनके प्लाट के सामने महाराजपुर विधानसभा से भाजपा विधायक सतीश महाना के भाई का प्लाट है। भाजपा विधायक के भाई और उनके गुर्गें ने नीरज सिंह के भी प्लाट पर कब्जा कर लिया और उसमें बाउंड्री भी खड़ी कर दी। जब नीरज ने उन्हें रोका, तो भाजपा विधायक ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी और प्लाट से भगा दिया। प्लाट पर कब्जे की शिकायत नीरज ने थाने से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से की, लेकिन कोई भी नतीजा नहीं निकला। डीजीपी के ट्विटर पर भी शिकायत के बाद पुलिस ने भाजपा विधायक का मामला बता कर कोई भी कार्रवाही नहीं की। मजबूर होकर पीड़ित परिवार ने अपने मकान को बेचकर पलायन करना ही उचित समझा।
PM – CM – DGP से लगा चुका फरियाद
नीरज ने बताया कि विधायक व उसके भाई की दबंगई की शिकायत हमने स्थानीय पुलिस से की, पर किसी ने हमारी मदद नहीं की | सीएम को खत और एसएमएस के जरिए अपनी पीड़ा बताई, बावजूद वहां से अभी तक किसी तरह का जवाब नहीं मिला | पीएम को भी कई खत लिखे, लेकिन न्याय नहीं मिला | कुछ दिन पहले डीजीपी को ट्वीट कर विधायक की दबंगई की शिकायत की, पर वहां से निराशा ही हाथ लगी |
जान प्यारी है, मकान बिकाऊ
पीड़ित की पत्नी किरण लाता का कहना है कि विधायक के भाई की दबंगई का आलम ये है की परिवार के बच्चे भी स्कूल आने-जाने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दबंगई के चलते दहशत में पलायन कर जान बचाना ही बेहतर है। इसको लेकर ही हम अब अपने सभी मकानों पर भी मकान बिकाऊ है, के बोर्ड लगा रहे हैं। किरण लता ने बताया कि देश के पीएम ट्वीट और खत पहुंचते ही एक्शन लेते हैं, लेकिन हमारे मामले पर वहां से अभी तक सुनवाई नहीं हुई |
वहीं इस पूरे प्रकरण को लेकर जब भाजपा विधायक सतीश महाना से बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी मामले की जानकारी से इंकार कर फोन काट दिया |
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