कानपुर। राष्ट्रीय सवर्ण एकता संघ व विश्व सनातन संघ के पदाधिकारियों ने घाटमपुर एसडीएम को भारत बंद विरोध का ज्ञापन सौपा, और उनको विदित कराया कि घाटमपुर में शांति व सौहार्द बना रहे और प्रतिदिन की तरह आज भी बाजारे खुली रहे और अगर कोई भी भीमसेना का सदस्य यदि दुकानेबन्द करवाता है तो वो उस दुकानदार को प्रतिदिन की कमाई का दोगुना पैसा वापस करे और उनके ऊपर विधिक कार्यवाही भी की जाए। ज्ञापन देने वालो में राष्ट्रीय सवर्ण एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सत्यम तिवारी ,विश्व सनातन संघ के नगर अध्यक्ष पवन सचान ,सौरभ शर्मा,जय तिवारी ,राजेश,अजीतसिंह, रोहित यादव,मोनू सिंह,सानू पांडेय,सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
हमारी सोच मात्र यह पोर्टल ही नही बल्कि देश को भी सही दिशा निर्द्श देना है जब हम बदलेंगे तो देश अपने आप बदलेगा सत्यम तिवारी सम्पादक 9125435591,8299037499 == कमलेश शुक्ला प्रबंध सम्पादक 8127039427
Monday, 2 April 2018
Friday, 9 March 2018
आर्थिक आधार पर हो आरक्षण-सत्यम तिवारी राष्ट्रीय सवर्ण एकता संघ
कानपुर। राष्ट्रीय सवर्ण एकता संघ के पदाधिकारियों द्वारा घाटमपुर के एसडीएम को आरक्षण के विरोध व सवर्ण आयोग की स्थापना व हरिजन एक्ट को खत्म किये जाने के संबंध में तीन सूत्रीय ज्ञापन राज्यपाल को भेजा गया संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम तिवारी ने अपने संगठन के सैकड़ो पदाधिकारियो के साथ एसडीएम के पास पहुचे और उनहे आरक्षण के विषय मे अवगत कराया और बताया कि आरक्षण देश को किस प्रकार खोखला कर रहा है अगर जल्द ही इस संबंध में कोई कदम नही बढ़ाया गया तो आगे आने वाले दिनों सरकार को व समाज को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा
इसी प्रकार हरिजन एक्ट के मामले में बात करते हुए बताया कि आज प्रत्येक थाने में लगा हुआ हरिजन एक्ट झूठा पाया जाता है अगर किसी थाने में इसके 20 मामले पाए जाते है तो उसमें केवल 1 मामला ही सही पाया जाता है तो इस एक्ट को तत्काल प्रभाव से खत्म करे और ज्यादा मामले केवल सवर्णो के नाम पर लिखाये जाते है।
और प्रत्येक वर्ग की तरह सवर्ण वर्ग का एक अलग आयोग गठित किया जाए जिससे सवर्ण वर्ग अपनी समस्याओं को अपने आयोग में अवगत करा सके ।
इस कार्यक्रम में संगठन के सत्यम तिवारी, संदीप बाजपेई, लल्लन तिवारी,ग्रीश मिश्रा, आशुतोष त्रिपाठी, आशु शुक्ला, महेश सिंह, राजा गुप्ता, घनश्याम सेंगर,आदित्य अवस्थी आदि लोग मौजूद रहे।
सीसीटीवी फूटेज ने खोला कासगंज दंगे का राज!
समय की खबर
नई दिल्ली। कासगंज दंगे से जुड़ा एक नया सीसीटीवी फूटेज सामने आया है। इसको देखने के बाद पूरे मामले पर पड़ी धुंध और साफ हो जाती है। वायरल हो चुका ये सीसीटीवी वीडियो उस समय का है जब वीर अब्दुल हमीद चौराहे पर मुस्लिम समुदाय के लोग झंडारोहण की तैयारी कर रहे थे।
वीडियो में उस दिन की तारीख यानी 26 जनवरी और साथ ही समय भी पढ़ा जा सकता है। इस वीडियो फूटेज में बिल्कुल साफ तौर पर देखा जा सकता है कि छोटे-छोटे मासूम बच्चे स्कूल ड्रेस में एकत्रित हैं। कुछ लोग नारंगी, हरे और सफेद रंग के गुब्बारों को जगह-जगह टांग रहे हैं।
संदर्भ पढ़े।
बहुत सारे बच्चों के आने का सिलसिला जारी है। चारों चरफ रौनक और जश्न का माहौल है। एक तरफ लोगों के बैठने के लिए कुछ कुर्सियां लगायी गयी हैं। लेकिन अचानक तभी गली की एक तरफ से हमला होता है और फिर लोग पीछे भागते हैं। जिससे वहां पड़ीं सारी कुर्सियां बिखर जाती हैं और लोग खुद को बचाने के लिए गलियों और आस-पास के मकानों में छुप जाते हैं। उन्हीं में से कुछ लोग कुर्सियां उठाकर एक दूसरे के ऊपर फेंकना शुरू कर देते हैं।
एक मिनट ठहरकर जरा सोचिए। इस वाकये का वहां मौजूद मासूम बच्चों की जेहनियत पर क्या असर पड़ा होगा। नफरत और घृणा फैलाने में जुटे पत्रकार और मीडिया के जो लोग पूरे मुस्लिम समुदाय को देशद्रोही और पाकिस्तानी साबित करने में दिन-रात एक किए हुए हैं। क्या उनके पास इसका कोई जवाब है? रोहित सरदाना सरीखे लोग जो ये पूछते नहीं थक रहे हैं कि क्या हम अपने देश में तिरंगा यात्रा भी नहीं निकाल सकते? या कहीं झंडा भी नहीं फहरा सकते? क्या उसके लिए किसी से इजाजत लेनी होगी? उन्हें जरूर इस बात का जवाब देना चाहिए कि यहां कौन तिरंगा फहराना चाहता था और कौन था जो उसे रोकने की कोशिश कर रहा था?
उन मासूम बच्चों के दिमाग पर पड़ने वाले असर का तो अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। जो झंडारोहण में शामिल होने के लिए घर से निकले थे खुशी-खुशी। लेकिन उन्हें न केवल हिंसक हमले का शिकार होना पड़ा बल्कि देशद्रोही और पाकिस्तानी जैसे तमगों से भी नवाजा गया। फिर तो उसके बाद कुछ बचता ही नहीं। आखिरी सच यही है कि कोई मुस्लिम कितना ही तिरंगा फहरा ले। और कितनी ही देशभक्ति की बात कर ले। लेकिन चूंकि उसका धर्म दूसरा है लिहाजा उसे हमेशा ही शक के घेरे में रहना होगा।
यहां एक बात गौर करने की है। तिरंगा यात्रा के नाम पर निकले जुलूस में तिरंगा कम भगवा झंडा ज्यादा थे। यानी उस समूह को भी किसी तिरंगे से ज्यादा भगवा से प्यार था। और तिरंगे के आधार पर देशभक्ति की कोई कसौटी तय की जाए तो भगवाधारी उसमें आखिरी पायदान पर होंगे। ऐसे में अगर किसी की देशभक्ति पर सवाल है तो वो मुस्लिम नहीं बल्कि भगवा से प्यार करने वालों पर है। जिन्हें न तो देश की चिंता है। और न ही उसके भाईचारे और सौहार्द्र से उन्हें कुछ लेना-देना है। उन्हें सिर्फ अपने धर्म की सांप्रदायिक पताका बुलंद करनी है। जिसमें दूसरे धर्मों और उसके लोगों के लिए किसी प्रेम और भाईचारे की जगह सिर्फ और सिर्फ घृणा और नफरत है।
यहां भी झगड़ा किसी तिरंगे को लेकर नहीं बल्कि साथ गए भगवे के चलते हुआ। जिसमें जुलूस में शामिल लोग न केवल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काने वाले नारे लगा रहे थे बल्कि उनसे जबरन भगवा झंडा फहराने की मांग कर रहे थे। जैसा कि कुछ वीडियो फूटेज में पहले भी आ चुका है। जिसे एबीपी चैनल ने प्रसारित भी किया था। अगर सचमुच में कोई पूछे कि भला तिरंगे के साथ भगवा झंडे का क्या काम हो सकता है? और वो भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर? तो शायद ही किसी के पास इसका कोई जवाब होगा। लेकिन इसकी सच्चाई बिल्कुल दूसरी है। दरअसल तिरंगे के साथ भगवा का होना एक बिल्कुल सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। जिसके जरिये दंगा फैलाना आसान हो जाता है। और वो भी तिरंगा और राष्ट्रवाद के नाम पर। इससे भला बेहतर तरीका और क्या हो सकता है।
किसी अमृत से कम नहीं गौमूत्र, दूर करे बड़े – बड़े रोग
गौमूत्र का नियमित सेवन – पहले के जमाने में देवताओं और असूरों में अमृत के लिए लड़ाई हुई थी।
अमृत से हर इंसान ठीक हो जाता है। आज भी अमृत की मान्यता इस दुनिया में है और लोग इसके लिए आज भी खोज जारी रखे हुए हैं। अमृत वही चीज है जिससे इंसान मरता नहीं है और वह अमर हो जाता है।
अमृत दो शब्दों से बना है- अ और मृत। मृत मतलब जो मर जाता है। अमृत मृत होने के श्राप को काट देती है। इसलिए अमृत के लिए देवताओं और असूरों में लड़ाई होती रहा है।
आज के जमाने में अमृत
Thursday, 1 March 2018
राष्ट्रीय सवर्ण एकता संघ द्वारा मनाया गया होली मिलन समारोह
कानपुर। कानपुर कार्यकारिणी के शिवराजपुर ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष अंकित मिश्रा के संयोजन से आज होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम तिवारी ने की व कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्रीय महासचिव संदीप बाजपेई ने किया। संगठन के सभी सदस्यो ने होली के इस महापर्व में एक दूसरे को गुलाल लगाया व आपस में गले मिले। सत्यमतिवारी ने बताया कि आज के दिन हम अपने आपस के गिले शिकवे मिटाकर एक दूसरे के साथ प्रेम से रहे और आज हम शपथ ले संगठन के साथ हमारी कोशिश रहेगी कि प्रत्येक सवर्ण वर्ग के सदस्य को हम अपने सगे भाई जैसे मानेंगे ।कार्यक्रम में सत्यमतिवारी, लल्लन तिवारी,बिरजू मिश्रा ,अंकित मिश्रा ,नीरज बाजपेई आदि लोग उपस्थित रहे।
Wednesday, 28 February 2018
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Wednesday, 13 December 2017
बोलेरो गाड़ी लूट ले गए साथी
सत्यम तिवारी ।संवाददाता
आज प्रातः गोरखपुर से बूक करके लाये बोलेरो को उनके साथियों ने ही लूट लिया गजनेर के पहले ही साथियों ने उसको पीटने के बाद उसकी गाड़ी लेकर भाग गए बाद में उसने घटना की जानकारी पतारा चौकी में दी उसकी तहरीर के अनुसार पता चला की उसके साथ मे आये सभी लोग एक असर्केस्टा के सदस्य थे वह लोग उसकी गाड़ी बूक करने के बाद घाटमपुर आये वहा से उन लोगो ने शराब भी पी उसके बाद वह उसे गजनेर की तरफ ले गए वहा पर उसे उन सबने पीटा और उसकी बोलेरो ले कर वह सब भाग गए